चार दिवसीय एक ऐसा त्यौहार जहां कोई दंगा नहीं होता, इंटरनेट कनेक्शन नहीं काटे जाते, किसी शांति समिति की बैठक कराने की जरुरत नहीं पड़ती, औरतों के साथ छेड़ छाड़ नहीं होता , चंदे के नाम पर गुंडा गर्दी नहीं
मनाने दें खा पीकर पश्चिमी देश वासियों को हर्ष । ठिठुर रही हैं भारत माता , कैसे मनाएं हम नववर्ष ।। धरा कांपती शीत लहर से , स्कूल बंद है इसके कहर से । चलती नहीं समय से ट्रेन , भर
बेटियां तुमने इतिहास रचकर , बढ़ाई है भारत की शान । महिला विश्वकप अपने नाम कर , साबित कर दी तू है जग में महान ।। करता हूं तेरा वंदन अभिनंदन , घी के दीप जलाता हूं । बसता है तेरे दिल में तिरंगा , गीत खु
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