कैसे मनाएं हम नववर्ष
- rajaramdsingh
- Dec 24, 2025
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Updated: 5 days ago
मनाने दें खा पीकर पश्चिमी
देश वासियों को हर्ष ।
ठिठुर रही हैं भारत माता ,
कैसे मनाएं हम नववर्ष ।।
धरा कांपती शीत लहर से ,
स्कूल बंद है इसके कहर से ।
चलती नहीं समय से ट्रेन ,
भर नहीं पाता उड़ान प्लेन ।।
सियाचीन सीमा पर सैनिक ,
करते दिखते बर्फ से संघर्ष ।
ठिठुर रही हैं भारत माता ,
नहीं मनाएं हम नववर्ष ।।
कोहरा कहर बरपा रहा ,
पछुवा हवा भी सता रहा ।
जीव जंतु सब हैं परेशान ,
बचे जान प्रभु का अहसान ।।
करके ओला अतिक्रमण ,
बढ़ा रहा अपना उत्कर्ष ।
ठिठुर रही हैं भारत माता ,
कैसे मनाएं हम नववर्ष ।।
नया फसल नहीं कोई आया ,
खरमास की है काली छाया ।
दुबके दिखते शेर घरों में ,
पत्ते सुख रहे पेड़ों में ।।
मानें हमारा भी परामर्श ,
नहीं है अपना ये नववर्ष ।
ठिठुर रही हैं भारत माता,
कैसे मनाएं हम नववर्ष ।।
सूर्य जब उत्तरायण होगा ,
नए पत्तों से पेड़ सजेगा ।
फसल घरों में आने लगेंगे ,
उष्णता धरा पर छाने लगेंगे ।।
खायेंगे पुआ गायेंगे फगुआ ,
मनेगा रंग गुलाल से हर्ष ।
होगा जब चैत्र का आगमन ,
तब मनेगा अपना नववर्ष ।।
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राजाराम सिंह 20 दिसंबर 2025
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