अभिनन्दन -पुष्प,आयु.अंजली एवं चि.प्रभात
- rajaramdsingh
- Apr 13, 2022
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Updated: Nov 22, 2022
श्री गणेशाय नमः
अभिनन्दन -पुष्प
आयुष्मति अंजली एवं चिरंजीवी प्रभात
के पावन -परिणय की मांगलिक बेला में पधारे हुए परम आदरणीय समधी श्री रामबली सिंह जी एवं वर यात्रियों के कर कमलों में
सस्नेह -समर्पित
पूज्य आगंतुक ,
आज का क्षण अति विशिष्ट है जब हम अपने प्रिय पाहुन को मन मंदिर में स्वागत मंगल का दीप जला अभिनन्दन रूपी वंदन से मन प्राण को पुलकित कर रहे है। शरद ऋतू ,मार्गशीर्ष मास ,शुक्ल पक्ष ,पंचमी तिथि की पावन बेला में मीनापुर ,हाजीपुर की पवित्र भूमि पर आप सभी आत्मीयजनों को स्नेह के सूत्र में बांधने के सुखद संकल्प के साथ
अपने ह्रदय की लाडली बिटिया,आपको अर्पित करते है।
अंजली रूपी रत्न आपको , आज समर्पित करते है।।
माँ की ममता का सागर , पिता के आँखों की तारा ,
लाड प्यार में पाली बढ़ी , निज कूल की है उजिआरा ।
हम भाव लोक के प्राणी का,आत्मिक अभिनन्दन करते है ,
अंजली रूपी रत्न आपको , आज समर्पित करते है ।।
मन मंदिर के नील गगन की , यह चन्दा और तारा है ,
थे अब तक ना जान सके,इस पर अधिकार तुम्हारा है ।
आज आपको इन नयनों की , पुतली अर्पित करते है ,
अंजली रूपी रत्न आपको ,आज समर्पित करते है ।।
इससे तो भूल बहुत होगी , गुड़िया अति सुकुमारी है ,
इसके अपराध क्षमा करना , हम सब की राज दुआरी है ।
हमारे ह्रदय की रक्त प्रवाह ,जो आपको अर्पित करते है ,
अंजली रूपी रत्न आपको , आज समर्पित करते है ।।
थी जिसदिन इसकी जन्म हुई , ना ढोल बजी , ना गान हुई ,
पर आज विदा के अवसर पर , गूंज रही है शहनाई ।
यह बात समझ हम सोच सोच , मन अपना हर्षित करते है ,
अंजली रूपी रत्न आपको , आज समर्पित करते है।।
जायेगी बिटिया छोड़ हमें ,पर प्यार न इसका खोएंगे ,
बचपन से पाला है इसको , याद में इसकी रोयेंगे ।
नाना-नानी , मामा- मामी , भैया- भाभी तड़पेंगे ,
चाचा- चाची , सगे- सम्बन्धी , याद न इसकी भूलेंगे ।।
माँ बहनें भी रोयेगी , छलकेगा नयनों का सागर ,
दीन जनक का दिल रोयेगा , इसके बिन होगा सूना घर ।
मन रोता है पर हंस-हंसकर,हम अनंत अभिनन्दन करते है ,
अंजली रूपी रत्न आपको , आज समर्पित करते है ।।
बिछुड़ी बहन अमन -अंजनी से , मौसा- मौसी से ममता ,
सखियों से बिछुड़ी हमारी बेटी,अब आप है इसके माता-पिता ।
आज से माता-पिता कहलाने का,अधिकार हम अर्पित करते है,
अंजली रूपी रत्न आपको , आज समर्पित करते है।।
रेशमी धागों से बंधे बँधाये हम है
लक्ष्मी देवी एवं शंकर सिंह (शिक्षक)
२३ नवम्बर २०१७ , गुरुवार
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