अभिलाषा संग आशीष
- rajaramdsingh
- Apr 3, 2022
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Updated: Apr 13, 2022
अभिलाषा संग आशीष के पावन-परिणय की मांगलिक बेला में समर्पित
अभिनन्दन-पत्र
जालेश्वर-सीता पौत्री अभिलाषा ,बंकुल की वैदेही।
अरुण पुष्पा की सुपुत्री को , मिला आशीष सनेही।।
पाकर पुलकित हुए आपको ,सगे सम्बन्धी ग्रामवासी।
उदार ह्रदय हैं आगतगण , चंडी नालंदा वासी।।
समधी -समधन ख़ास हैं , वरयात्री हैं इष्ट ।
आभारी हम आपके ,अभिनन्दन करूँ विशिष्ट ।।
आपके पधारने से , रिश्तों के सब पट खुल गए ।
सानिध्य आपका पाने से , शबरी को श्रीराम मिल गए ।।
स्नेह स्वीकार करते ही , पा लिया है हमने सब कुछ ।
अपनापन का गौरव देकर, दिया आपने हमें बहुत कुछ ।।
बिछी रही पर थकी नहीं , तेरे पथ पर पलकें सारी ।
आये पाकर हुआ निहाल , हम सब की आँखें प्यारी ।।
थी अभिलाषा अबतक हमारी , जिसे समर्पित करता हूँ।
प्यार स्नेह से सींची बिटिया , आपको अर्पित करता हूँ।।
बिछड़े आकांक्षा प्रत्युष , अरविन्द - पूनम की ममता ।
अपनों से बिछड़ रही है बेटी , अब आप हैं इसके माता पिता ।।
आज से माता पिता कहलाने का , अधिकार हम अर्पित करते हैं ।
अभिलाषा रूपी प्यारी बिटिया , आज समर्पित करते हैं ।।
रेशमी धागों से बंधे बँधाये हम हैं
पुष्पा-अरुण,बंकुल,मुजफ्फरपुर
पावन -परिणय १३ फरवरी २०१९
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