आया देखो नया वर्ष
- rajaramdsingh
- Mar 26, 2022
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Updated: Mar 28, 2022
शिशिर ऋतू की कंपकपी ठंढ में , उफान मारता सागर ,
ओढ़ खड़ा है प्रहरी हिमालय ,सफ़ेद बर्फ की चादर।
कठिन ज़िन्दगी सरल हो रहा , दिख रहा चहु ओर हर्ष ,
नई ख़ुशी को साथ लेकर , आया देखो नया वर्ष ।।
लोड़ी पोंगल मकर संक्रांति , पर्व त्यौहार ले आता ,
गणतंत्र दिवस को बना गौरवमयी, राष्ट्रगान दुहराता ।
आतंकियों को आतंक छोड़ने का, दे रहा परामर्श ,
नई ख़ुशी को साथ लेकर , आया देखो नया वर्ष ।।
नए साल की नई किरण , दे रही सौगात ,
सुख स्वस्थ ऐश्वर्य , रहे देवों का सिर पर हाथ।
दुश्मन भी गले मिलने पर , करें विचार विमर्श ,
नई ख़ुशी को साथ लेकर,आया देखो नया वर्ष ।।
सुनहरे सपने हो साकार , खुशियां मिले अनेक ,
राज करो तू सबके दिल पर,कर्म करो तुम नेक।
प्रतिभा के प्रभाव मात्र से , चमक रहा उत्कर्ष ,
नई ख़ुशी को साथ लेकर,आया देखो नया वर्ष ।।
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