आज़ाद अध्यापक
- rajaramdsingh
- Feb 1, 2023
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Updated: Feb 25, 2023
जो भी होते हैं अध्यापक ,
काम इनका होता है व्यापक।
भाई बंधु और सगे सम्बन्धी ,
सबके सदैव होते अभिभावक ।।
स्कूल में भले हो इंस्पेक्शन,
मौसम का हो खराब कंडीशन।
फिर भी अपनों ने याद किया ,
रहते तत्पर बिन कंडीशन ।।
भले हों क्यों न खुद में व्यस्त ,
या विद्यालय के काम से त्रस्त ।
लेकिन अपनों के दुख़ दर्द में ,
बन जाते सबके विश्वस्त ।।
नहीँ सोचते कभी अर्थ की बात ,
देते सबको जी जान से साथ ।
शादी हो या शिक्षा रोजगार ,
बिमारी में भी सदैव बढ़ाते हाथ ।।
परवाह नहीँ करे अंजाम का ,
चिंता करते सबके काम का ।
रहें खुशहाल सारा समाज ,
प्रभु से प्रार्थना उनके नाम का ।।
प्लस टू के शिक्षकों में श्रेष्ठ,
प्राचार्य शंकर उम्र में ज्येष्ठ ।
भले हो रहे विद्यालय से मुक्त ,
अपने काम में रहें यथेष्ठ ।।
रहें अज़ीज़ प्यारे हमदम ,
ज्ञान देवें ज्ञानी बन हरदम ।
सेवा भावी होवे जीवन ,
मिला भले हो फ्रीडम ।।
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*गीता एवं राजाराम सिंह*
31 जनवरी 2023
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