उठो बढो हे हिंदी भाषी
- rajaramdsingh
- Dec 20, 2022
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उठो बढो हे हिंदी भाषी ,
कब तक नीर बहायेंगे ।
नेताजी के भीड़ बनकर ,
कितने दिन रह पायेंगे ।।
जब पडता है उन्हें ज़रुरत ,
भीड़ हमारी जुटाते हैं ।
सीनियर को ये हमें दिखा ,
मनचाही मुरादें पाते हैं ।।
हमको तो अधिकार चाहिये,
या चलकर टकरायेंगे ।
नेताजी के भीड़ बनकर ,
कितने दिन रह पायेंगे ।।
वीरकुंवर सिंह गुरु गोविंद ,
लक्ष्मीबाई के प्यारे हैं ।
चाणक्य बिरसा मुण्डा जी ,
हम जयप्रकाश के न्यारे हैं ।।
देशरत्न राजेन्द्रबाबू के ,
नाम को आगे बढ़ायेंगे ।
नेताजी के भीड़ बनकर ,
कितने दिन रह पायेंगे ।।
उठो बढो हे मेरे अग्रणी ,
तुम इतिहास बना डालो ।
एनएमसी मेँ हिन्दी की भी ,
परचम तुम लहरा डालो ।।
टिकट नहीँ देगर कोई पार्टी ,
अपनी पार्टी बनायेंगे ।
नेताजी के भीड़ बनकर ,
कितने दिन रह पायेंगे ।।
कहे राजा हम भीख नहीँ ,
अधिकार अपना मांग रहे ।
पैतीस प्रतिशत हिन्दी हैं हम ,
सब नेताजी जान रहे ।
जो पहले आगे आयेंगे ,
वही इतिहास बनायेंगे ।
नेताजी के भीड़ बनकर ,
कितने दिन रह पायेंगे ।।
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