कर्पूरी ठाकुर
- rajaramdsingh
- Jan 30, 2024
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Updated: Oct 22
नमन करें हम जननायक को,
जो भारत के स्वाभिमान हैं ।
गुदरी के लाल कर्पूरी ठाकुर ,
मानवता की शान हैं ।।
जिनके अवतरण से बनी
अपनी वसुंधरा भाग्यशाली,
पला बढ़ा भले झोपडी में
बनाया हमको सौभाग्यशाली।
झोपडी का लाल किया कमाल
जग करती जिसका सम्मान है ,
गुदरी के लाल कर्पूरी ठाकुर ,
मानवता की शान है ।।
ज़ब थे वह बिहार के सीएम
पत्नि पिलाती भैंस को पानी,
चारा काटकर खुद लाती थी
और लगाती उसको सानी।
काम करते रहे आजीवन
फिर भी नहीं रहने को घर है ,
गुदरी के लाल कर्पूरी ठाकुर
मानवता की शान हैं ।।
चौथेपन में उनके पिताजी ,
मजदूरी करने को थे मजबूर,
आर्थिक तंगी होने पर भी
हरिश्चन्द्र नाम से थे मशहुर।
आते जब पैतृक गांव तो ,
रिक्शा में बसता उनकी जान है ,
गुदरी के लाल कर्पूरी ठाकुर,
मानवता की शान हैं ।।
काल चक्र ने ऐसा घेरा
खड़ा हुआ एक नया बखेरा,
आया एकदिन फंटर फ़क़ीर
लगा बताने देख लकीर।
चलाया ऐसा मायावी वाण
ले ली नमक पानी ने जान है ,
गुदरी के लाल कर्पूरी ठाकुर
मानवता की शान हैं ।।
कहे राजाराम वे देना चाहते थे
हर हाथ को काम और खेत को पानी,
पढ़-लिखकर हऱ वर्ग क़ा बच्चा
लिखे जहां में अपनी कहानी ।
अंत्योदय क़ा करते सम्मान वे
कहते कर्म हीं अपनी पहचान हैं ,
गुदरी के लाल कर्पूरी ठाकुर
मानवता की शान हैं ।।
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राजाराम सिंह रघुवंशी, नवी मुंबई
जन्मदिन पर शत शत नमन
24 जनवरी 2024
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