कुरुक्षेत्र ( भोजपुरी )
- rajaramdsingh
- Mar 26, 2022
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Updated: Mar 28, 2022
( नोट : यह रचना तब की है जब कुरुक्षेत्र में प्रिंस नाम का एक छोटा सा बालक बोरिंग के होल में ५५ फुट नीचे गिर गया था , जिसे निकालने के लिए सेना तक को आना पड़ा था। हर जाति धर्म के लोग उस उस नन्हे बच्चे के जीवन की सलामती के लिए दुआएं कर भारतीयता की परिभाषा परिभाषित कर रहे थे, तो आइये सुनते हैं उसी परिपेक्ष्य में आँखों देखी घटना पर लिखा एक सुन्दर गीत )
बालक कूद गइले जीवन के लड़ाई में , पचपन फुट खाई में ना ......
गए थे खेलन को खेल , नाहीं देखे कउनो होल।
पल में प्रलय हो गए मातु पिता फलवारी में
प्रिंस गिरा गहराई में ना .......
बालक कूद गइले जीवन के लड़ाई में
चहुओर मचे कोहराम , धरे भगवन के ध्यान
जीवन दान मांगे यमदुत से लड़ाई में
कुरुक्षेत्र लड़ाई में ना ..................
बालक कूद गइले जीवन के लड़ाई में
आये सेना के जवान , बनके वीर हनुमान
खुशियां डाल दिहलन लड़िकन के टोली में ,
मातु पिता के झोली में ना .........
बालक कूद गइले जीवन के लड़ाई में
कहे भाई राजाराम , भारत देश बा महान ,
रहे हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई पास में ,
एकता के साथे में ना .....
बालक कूद गइले जीवन के लड़ाई में
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