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कोई हस्ती कोई मस्ती कोई चाह पर मरता है (देशभक्ति )

  • rajaramdsingh
  • Mar 24, 2022
  • 1 min read

कोई हस्ती , कोई मस्ती कोई चाह पर मरता है ,

कोई नफ़रत , मोहब्बत या लगाव पर मरता है I

ये देश है वीर जवानों का ,

जहां हर बन्दा अपने हिन्दुस्तान पर मरता है II


मैं भारतवर्ष का सम्मान करता हूँ ,

इस मिटटी का गुणगान करता हूँ I

हमें चिंता नहीं मोक्ष पाने की ,

तिरंगा कफ़न हो यही अरमान रखता हूँ II


जमाने में मिलते हैं आशिक कई ,

मगर वतन से खूबसूरत सनम नहीं होता I

रुपयों पर सोनेवाले भी मरते हैं ,

पर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता II


तिरंगा हमारी आन बाण और शान है ,

शहीद भारतीय सपूतों के दिल की अरमान है I

सच मानो तो यह न सिर्फ राष्ट्रीय धरोहर ,

बल्कि गीता गुरुग्रंथ बाइबल और क़ुरान है II

 
 
 

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