कोरोना को भगाकर जीने का रास्ता साफ करो
- rajaramdsingh
- Mar 22, 2022
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हम तो उस ,
आदमी के बारे में सोचते हैं i
जो अदृश्य जानलेवा शत्रु के ,
दंश झेलते हैं ii
नौकरी चली गई ,
जिससे पेट भरते थे i
दोस्त भी सिधर गए ,
जिससे बातें करते थे ii
कई दिनों से हम ,
अपने परिवार संग पैदल हीं चल रहे है i
किसी ने कुछ दिया तो खा लिए ,
अन्यथा खाली पेट रह दिन गुजार रहे हैं ii
भारोत्री नहीं मिलने से ,
किसी के घर खाली पड़े हैं i
तो व्यवसाय बंद होने से ,
किसी के घर वार उजड़ रहे है ii
कभी जो बेसहारों को ,
सहारा दिया करते थे i
आज खुद वह किसी और से ,
सहारा मांग रहे हैं ii
हे भगवान !!
ये तेरी कैसी लीला है i
क्या गरीब क्या अमीर ,
सबका आज हालत ढीला है ii
हे माताजी ,
जो भी गलती
हुई हो लोगों से उसे माफ करो i
कोरोना को भगाकर
जीने का रास्ता साफ करो ii
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