चर्चित लोकोक्तियाँ
- rajaramdsingh
- Mar 26, 2022
- 2 min read
Updated: Mar 28, 2022
मुलाकातें ज़रूरी है रिश्ते निभाने के लिए ,
लगाकर भूल जाने से तो पौधे भी सुख जाते हैं ।
घर के बुज़ुर्ग को भार नहीं भाग्य समझें ,
पेड़ फल दे या ना छाया ज़रूर देता है।
प्रार्थना ऐसे करें जैसे सबकुछ भगवान है ,
काम ऐसा करें जैसे सब कुछ आप हैं।
जलने वालों से घृणा नहीं प्यार करें ,
वो जानते हैं कि आप उससे बेहतर हैं।
आप चाहे कितने भी अच्छे काम करें ?कितने हीं ईमानदार क्यों न रहें ?
दुनिया तो आपकी सिर्फ और सिर्फ ,एक गलती का इंतज़ार करती है।।
रिश्ते पंछियों के सामान होते हैं ,जोर से पकड़ो मर जाते हैं।
धीरे पकड़ो उड़ जाते हैं ,प्यार से पकड़ो तो साथ निभाते हैं।।
इंसान को दुःख देना उतना हीं आसान है जितना समुद्र में पत्थर फेकना ,
लेकिन यह कोई नहीं जानता वह कितनी गहराई में गया होगा।
किसी को लगता हिन्दू खतरे में , किसी को लगता मुसलमान ।
जब उतारोगे धर्म का चश्मा तो दिखेगा खतरे में है हिन्दुस्तान ।।
लगातार हो रही विफलताओं से निराश मत होना ,
कभी कभी गुच्छे की आखिरी चाभी भी ताला खोल देता है।
विपरीत परिस्थितियों में कुछ लोग टूट जाते हैं ,
वहीँ कुछ लोग रिकॉर्ड बनाते हैं।
आदमी जन्म के दो वर्ष बाद हीं बोलना सिख जाता है ,
लेकिन किसे क्या बोलना है इसमें पूरी ज़िन्दगी बीत जाती है।
होली वही जो स्वाधीनता की आन और गणतंत्रता की शान बन जाय ,
भरो पिचकारी में रंग ऐसा कि कपडे पर पड़े तो हिन्दुस्तान बन जाय।
ये कफ़न ये कब्र ये जनाजे रश्में रिवाज़ है दोस्तों ,
मर तो इंसान उसी वक़्त जाता है जब उसे कोई याद करनेवाला ना हो ।
खुद कमाओ खुद खाओ प्रकृति , दूसरा कमाए तुम खाओ विकृति ,
पर खुद कमाओ और दूसरों को खिलाओ ,यह है भारतीय संस्कृति।
पहचाने जाते हैं
औलाद बुढ़ापे में , दोस्त मुसीबत में और पत्नी गरीबी में
वक़्त से लड़कर जो तकदीर बदल दे,इंसान वही जो ततवीर बदल दे ,
कल क्या होगा कभी मत सोचो , क्या पता वक़्त खुद अपनी तस्वीर बदल दे।
संसार में पानी सबसे तरल और सरल है ,पर उसका तेज बहाव बड़े से बड़े चट्टान के टुकड़े टुकड़े कर सकता है । इसलिए किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी मत समझना ।
दुनिया में सबसे शक्तिशाली वाणी होती है , जो तलवार उठाये बिना हीं क्रान्ति
और परिश्रम किये बिना हीं शान्ति करवा सकती है।
इंसान दौलत कमाने के लिए सेहत खो देता है , सेहत पाने के लिए दौलत खो देता है ,
जीता ऐसे है जैसे कभी मरेगा हीं नहीं , मर ऐसे जाता है जैसे कभी जिया हीं नहीं ।
इंसान सबकुछ भूल सकता है सिवाय उन लम्हों के ,
जब उसे अपनों कि ज़रूरत थी और वह साथ नहीं था ।
अगर महीने की कीमत जाननी हों वह उस औरत से पूछो जिसने प्री मैच्योर बच्चों को जन्म दिया हो ,
अगर दिन कि कीमत जाननी हो तो उस आदमी से पूछो जिसने अपना समय कुएं में बिताया हो ,
जिसे घंटे कि कीमत जाननी हो तो उस आदमी से पूछो जिसने अपना इंटरवयू मिस किया हो ,
अगर मिनट कि कीमत जाननी हो तो उस आदमी से पूछो जिसने अपना ट्रेन मिस किया हो ,
और अगर सेकंड की कीमत जाननी हो तो उस आदमी से पूछो जिसने अपना एक्सीडेंट मिस किया हो।
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