दीपोत्सव
- rajaramdsingh
- Nov 5, 2024
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Updated: Oct 23
आओ मिलकर दीप जलाएं ,
करें अपनों को दिल से प्यार ।
शिशिर ऋतु की श्रेष्ठ बेला में ,
लाई दिवाली खुशियां अपार ।।
वर्षों तक थे वन वन भटके ,
कठिन परीक्षा में ना अटके ।
भाई भार्या संग आए राम ,
नगर बना दीपोत्सव धाम ।।
गले लगाया प्यार जताया ,
भरत मिलाप ने भी पिघलाया ।
साफ सफाई का यह त्यौहार ,
लाई दिवाली खुशियां अपार ।।
शत्रुघ्न ने भी साथ निभाया ,
लवकुश अवतरण खास बनाया ।
समूल संहार शत्रुओं का करके ,
अनुज अग्रज का वचन निभाया ।।
ये है हमारा स्वर्णिम इतिहास ,
धर्म ग्रंथों में है रामायण खास ।
लक्ष्मण उठाई पहरेदारी का भार ,
लाई दिवाली खुशियां अपार ।।
पटाखे प्रकृति में प्रदूषण फैलाते ,
वातावरण को दूषित बनाते ।
अस्थमा और हृदय रोगी को ,
त्वरित नुकसान पहुंचाते ।।
कवि राजाराम सबसे कहता ,
प्रदूषण के परिणाम से डरता ।
मनाएं प्रदूषण रहित त्योहार ,
लाई दिवाली खुशियां अपार ।।
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राजाराम रघुवंशी , 29 अक्टूबर 2024
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