दुनियां गोल है
- rajaramdsingh
- Mar 20, 2022
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पहले मिट्टी के बर्तन फिर स्टील और प्लास्टिक के बर्तन और फिर कैंसर के खौफ से दोबारा मिट्टी के बर्तनों तक आ जाना।।
पहले अंगूठाछाप को दस्तखत (Signatures) के लिए साक्षर बनाना और पुनः पढ़े लिखों से भी अंगूठा (Thumb Scanning) लगवाना ।।
पहले फटे हुए कपड़ों से निजात पामे के लिए मेहनत मजदूरी कर अच्छे कपड़े पहनना और पुनः साफ सुथरे और प्रेस किए कपड़ों पर फैशन के नाम पर अपनी पैंटें फाड़ लेना।।
सूती से टैरीलीन, टैरीकॉट और फिर वापस सूती पर आ जाना।।
ज़्यादा मशक़्क़त वाली ज़िंदगी से घबरा कर पढ़ना लिखना, और फिर IIM MBA करके आर्गेनिक खेती पर पसीने बहाना।।
क़ुदरती से प्रोसेसफ़ूड (Canned Food & packed jung food & juices) पर और पुनः बीमारियों से बचने के लिए द क़ुदरती खानों पर आ जाना।
पहले गाँव से शहर के चकाचौंध रौशनी की ओर पैसे कमाने को जाना और पुनः उस भागती दुनियां से शाँति एवं स्वच्छ हवा तथा अच्छे स्वास्थ लाभ के लिये शहर से गाँव की ओर आना ।।
इससे ये निष्कर्ष निकलता है कि टेक्नॉलॉजी ने जो दिया उससे बेहतर तो प्रकृति ने पहले से दे रखा है ..।।
तो आएं कुछ कर दिखाएं , गांव रूपी स्वर्ग में समय बिताएं ।
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