दोस्त होते अनमोल
- rajaramdsingh
- Mar 26, 2022
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Updated: Apr 13, 2022
खूबसूरत होते हैं वो पल , जब आँखों में सपने होते हैं ,
चाहे कितने भी दूर रहे , अपने तो सदैव अपने होते हैं।
सोने नहीं जगे रहने पर भी , तुम हीं नज़र आते हो ,
गली गलियारे ट्रेन बस में भी , सदा साथ निभाते हो ।
सोया था मेरे कान में कुछ गुंजा ,तेरी दोस्ती मेरे लिए है पूजा ,
यूँ तो हज़ारों दोस्त हैं मेरे , पर तुझ जैसा ना कोई दूजा |
दोस्ती में खुद को महफूज मानते हैं , दोस्तों में तुम्हें अज़ीज़ मानते हैं ,
तुम भले हीं पराया समझो , हम इसे भगवान का तहज़ीब मानते हैं।
दोस्त उम्र की चादर को , उतारकर फेक देते हैं ,
न कभी खुद बूढ़ा होते हैं , न हीं दोस्त को होने देते हैं।
यह वो हकीम है ज़नाब , जहां औकाद नहीं देखी जाती ,
पतन से लेकर वतन की अल्फ़ाज़ , दिल खोलकर कही जाती।
मुस्कुराने का नहीं कोई मोल, ना कोई इसको सकता तौल ,
दोस्त तो हैं हज़ारों मेरे , पर तुम मेरे लिए एकदम अनमोल ।
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