ध्रुव सत्य
- rajaramdsingh
- Mar 24, 2022
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Updated: Mar 28, 2022
झड़ना से मधुर संगीत , इसलिए सुनाई देता । क्योंकि उनके मार्ग , कठिन पत्थरों का होता ।।
इंसान मतलब दुकान , ताला जिसकी जुबान । खुलते है जब ताला , होती उसकी पहचान ।।
करो भरोषा कर्म पर , नहीं काम में शर्म कर । अवश्य होंगे सपने पूरे , नहीं कोई अधर्म कर ।।
अभिनंदन करते है उनको , चुनाव में कर्ज हुए हैं जिनको । सपनों के टूट जाने पर भी , सत्य मार्ग पर चलने वालों को ।।
ठोकरें खाने के बाद भी , सच्चाई को अपनाता है । हो क्यों न विपरीत धारा , कर्तव्यनिष्ठ बन जाता है ।।
ऊंचाई माउंट एवरेस्ट सी , या हो अंतरिक्ष के जैसी । अटल विश्वास दूर दृष्टि से , लक्ष्य छूता हंसी खुशी ।।
जो दिया उसको शुक्रिया , ना का कोई मलाल नहीं । ऊपर वालों के फैसले पर , फक्र करो सवाल नहीं ।।
केवल खून के रिश्ते से , कोई रिश्तेदार नहीं होता । अपनत्व रखने वाला भी , रिश्तेदार से कम नहीं होता ।।
जिंदगी जीना आसान नहीं होता ,
बिना संघर्ष कोई महान नहीं होता ।
जबतक न पड़े हथौड़े की मार ,
पत्थर कभी भगवान नहीं होता ।।
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