परम सुख
- rajaramdsingh
- Mar 24, 2022
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फर्क होता है खुदा और फ़क़ीर में , तकदीर और लकीर में ।
तूने जो चाहा वह मिला नहीं , तो समझो भगवान ने कुछ अच्छा लिखा है , तेरी तकदीर में ।।
कड़वे बोलने वाले नीम के पत्ते जैसे होते , जो एक साथ अक्सर कई बीमारियों को खत्म कर देते । मीठे बोलने वालों के दिल में प्रायः कई राज छिपे होते जो डायबिटीज के साथ हीं कई बीमारियों को भी बुला लेते ।।
मांग कर अपनी भिक्षा पात्र को, कदाचित हम भर सकते है , सदा रहे जो खाली उसको , इच्छा पात्र कहते हैं । सन्तोष धन एक ऐसा धन है , जिसे पाना है बड़ा कठिन , पर जो भी इसको पा लिया , वे परमसुख की अनुभूति करते हैं ।। ************************
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