अवतारों की भूमि - बिहार
- rajaramdsingh
- Oct 20, 2023
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Updated: Oct 23
जोड़ बिहार से मधुरम रिश्ता ,
जानें इसकी पूर्ण विविधता ।
सम्यक रहा अतीत यहां क़ा ,
हुए अवतरित जहां फरिश्ता ।।
है बिहार एक जलता दीया ,
जगजननी जन्मी मां सिया ।
अदभुद जमघट सौराठ का ,
मिलता जहां पिया ।। 2।।
सिख के गुरु गोविन्द सिंह से ,
जन्मांतर क़ा रिश्ता।
सम्यक रहा अतीत यहां क़ा ,
हुए अवतरित जहां फरिश्ता ।।
जैसे होली क़ा गुलाल,
होते यहां के लाल ।
देखो हरिहरनाथ क़ा मंदिर ,
जग में एक मिसाल ।
जैन धर्म भगवान महावीर ,
जिनका यहां से रिश्ता ।
सम्यक रहा अतीत यहां क़ा ,
हुए अवतरित जहां फरिश्ता ।।
माँ कात्यायिनी क़ा आभार,
होता है छठ छठियार।
रहता अपनों से लगाव ,
बता रहा मांझी क़ा प्यार ।।
छेनी से छेद बना डाला,
जिसने सुन्दर सा रस्ता ।
सम्यक रहा अतीत यहां क़ा ,
हुए अवतरित जहां फरिश्ता ।।
करते सरस्वती की पूजा ,
नहीं अशोक सम्राट सा दूजा।
बौद्ध बुद्ध दर्शन को आते,
गया में करते पूजा।।
आते थे बच्चे पढ़ने को ,
दुनियां से था रिश्ता ।
सम्यक रहा अतीत यहां क़ा ,
हुए अवतरित जहां फरिश्ता ।।
कुश -लव की है जन्म स्थली,
और उद्धार अहिल्या स्थली ।
पर्यटक आते असंख्य जो,
करते भ्रमण मुनियों की स्थली।
कालीदास के पुनर्जन्म क़ा ,
जुड़ा यहीं से रिश्ता।
सम्यक रहा अतीत यहां क़ा ,
हुए अवतरित जहां फरिश्ता।।
है बिहार के स्वर्णिम चर्चे,
आज़ादी के किस्से।
अज्ञात वास पांचों पांडव और ,
ज़रासंघ द्वि हिस्से ।।
घटहो से है घटोत्कच और ,
अंग देश से कर्ण क़ा रिश्ता।
सम्यक रहा अतीत यहां क़ा ,
हुए अवतरित जहां फरिश्ता ।।
चलो चले हम करें विहार,
पावन है अपना बिहार।
करके तर्पण पूर्वजों का ,
तत्क्षण करते सबकुछ अर्पण।
मिथिला की मनभावन मांटी,
जहां जुड़ा श्रीराम क़ा रिश्ता।
सम्यक रहा अतीत यहां क़ा,
हुए अवतरित जहां फरिश्ता ।।
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राजाराम रघुवंशी, 20 oct 2023
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