फलदान गीत
- rajaramdsingh
- Jun 28, 2023
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Updated: Jan 9
धोती कुर्ता पाग पहिड़ ,,,,
नवीन परिधान।
एलखिन पाहुण यौ, 2
चढ़बई लय प्रिंस कय फलदान ।। 2
अबियउ न दादा अबियउ ,
पंडीजी कय जल्दी बजबियौ।
माली सअ माला मंगा कअ,
चौका पूजा कय सजबियउ।।
करियउ गणपति कय आह्वान,
देवी देवता कय गुणगान,
एलखिन पाहुण यौ,2
चढ़बई लय प्रिंस कय फलदान।।2
दादी नव कपड़ा पहिड़ियउ ,
कमियां मणियां कय बजबियौ ।
गाँवकय गीतहारीन सभलय,
बढ़ियाँ ओछावनन बिछबियौ।
करियउ हुनक़र खूब सम्मान,
गयथिन सबमिल मंगलगान l
एलखिन पाहुण यौ 2
चढ़बई लय प्रिंस कय फलदान।।2
अउंठी चेन सूट लयलखिन,
बाटा कय बूट लयलखिन।
भरि भरि मिष्ठान देखू,
फल भरपूर लयलखिन।।
बउआ हाथ में दही पान ,
बढ़बई दूर्वाक्षात अभिमान ।
एलखिन पाहुण यौ, 2
चढ़बई लय प्रिंस कय फलदान।।2
मौसी मामी चाची आबू ,
बहिन बुआ डाला सजाबु ।
गीत राजाराम कय गा,,,
खुशियाँ भरपूर मनाबू ।।
करियउन लालन कय चूमावन
लअ कअ हल्दी दुभ धान ।
एलखिन पाहुण यौ, 2
चढबई लय प्रिंस कय फलदान।।2
धोती कुर्ता पाग पहिड़ ,
नवीन परिधान।
एलखिन पाहुण यौ, 2
चढ़बई लय प्रिंस कय फलदान।।2
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राजाराम रघुवंशी, 27 जून 2023
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