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बिहार दर्शन ( द्वितीय भाग )

  • rajaramdsingh
  • Apr 23, 2022
  • 3 min read

Updated: Nov 25, 2022

जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,

बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।

खेतों में हरियाली जैसे, ब्रह्मदेव का प्यार ,

ये है मेरा बिहार, ये है मेरा बिहार ।।


अंगराज का अंगदेश था ,मनभावन प्रदेश ,

दानवीर थे बड़े ही दानी ,जाने देश विदेश ।

अंतकाल श्रीकृष्ण गए ,लेने उनकी परीक्षा ,

दानवीर तब दान दिया,दांत उखाड़ भिक्षा ।।

है पर्वत मंदार बना जो,समुद्र मंथन मथनी ,

निकला चौदह रत्न जहां ,है ग्रंथों की कथनी ।

लक्ष्मीनारायण सीताकुंड,तीर्थंकर का तार ,

ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।


अरेराज शिवशंकर मंदिर , करती इच्छापूर्ति ,

मूंगा पत्थर से बना है , गणेश पवन सूत मूर्ति ।

जानकीगढ़ है जहां जानकी, राजमहल से आई ,

बाल्मीकि नगर का जंगल, मां जिसको अपनाई ।।

बड़ा बौद्ध स्तूप बना है , केशरिया लौरिया में ,

विजयमेला महानअशोक का, लगता है बेतिया में ।।

रमपुरबा में गौतमबुद्ध ने,दिया राजसी वस्त्र उतार ,

ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।


बाल्मीकि का आश्रम है,बाल्मीकि नगर के पास ,

लवकुश ने था लिया जहां ,अपना पहला सांस ।

गांधीजी अपना आंदोलन, शुरू यहीं से किये थे ,

निल की खेती के खिलाफ, जंग जीत लिए थे ।।

परीक्षक से परीक्षार्थी बढियाँ, छात्र यहीं मिले थे ,

स्वतंत्र देश के प्रथम राष्ट्रपति, भारत के बने थे ।

अपने देश का बच्चा बच्चा,करता जिनको प्यार ,

ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।


शासक सूरी शेरशाह का ,है इतिहास में नाम ,

जी टी रोड बनाकर जिसने,किया था सुन्दर काम ।

दशरथ मांझी काट पहाड़ ,नया इतिहास रचाया ,

छेनी हथौड़ी से सुरंगकर , उसमें सड़क बनाया ।।

अंग्रेजों तू भारत छोडो ,नारा सबने लगाया ,

खुदीराम चढ़ खुद फांसी पर,तिरंगे को लहराया ।

नमन करें हम तेरी शहादत, सच्चा देश का यार ,

ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।


पटना में है पटन देवी , माता जी का मंदिर ,

पटना साहेब का गुरुद्वारा,और महावीर मंदिर ।

अगम कुंआं गोलघर , सप्त शहीद क्या वाह ,

सूफी संत हज़रत खां , मनेरी की दरगाह ।।

संग्रहालय और लाइब्रेरी, विज्ञान केंद्र है शान ,

पत्थर मस्जिद, म्यूजियम और जैविक उद्यान ।

हरमंदिर सदाकत आश्रम, का बड़ा विस्तार ,

ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।


माँ ने मुंड का बध किया , भभुआ भी यहीं है ,

बना हुआ मुंडेश्वरी माता , जी का मंदिर भी है ।

है अजूबा इस सदी में , बलि पर बकरा चढ़ता ,

थोड़ी देर में उठकरके,झुण्ड से जाकर लड़ता ।।

शिवलिंग जो रंग बदलता ,है दिन में तीन वार ,

हरसु ब्रह्म धाम यहीं,जहां भूत प्रेत उपचार ।

बड़ा मनोरम इनका मंदिर,और माँ का श्रृंगार ,

ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।


नवादा में है माँ चामुंडा ,बोध गया में मंगला माँ ,

छोटी पटन देवी भी हैं ,बिहारशरीफ में शीतला माँ ।

छिन्नमस्तिका अम्बा भवानी , चामुंडा माँ तारा ,

पावापुरी जैन मंदिर, चामुण्डा, धीमेश्वरी उग्रतारा ।।

पूर्णियां की पूरन माता , करती पूर्ण मनोकामना ,

जो भी इन शक्ति पीठ को पूजे, पूर्ण करती कामना ।

औरंगाबाद में सूर्यमंदिर का, होता अद्भुद दीदार ,

ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।


रावण लेकर चल पड़ा था,शिवलिंग अपने लंका ,

टूट गया घमंड उसका, जब लगा लघुशंका ।

देकर बैजू चरबाहा को, करने लगा वह त्याग ,

देर लगी जब रावण को तो ,पटक गया वह भाग ।।

आया रावण खूब लगाया, था वह अपना ताकत ,

वचन दिए थे जहां रखोगे, करना होगा स्वागत ।

बनकर बाबा वैद्यनाथ , करते जग का उद्धार ,

ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।


भागलपुर में शिल्क उद्योग , सुल्तानगंज का मेला ,

बना हुआ है मीर कासिम , का भी सुन्दर किला ।

गौतममुनि और अष्टावक्र को, जान रहा संसार ,

भोज भात में काट छांट पर, होता खूब विचार ।।

खूब खिलाता रसगुल्ला, और बरसाता है प्यार ,

जमुई के पत्नेश्वर बाबा , झुमराज का प्यार ।

महाबोधि गया का दर्शन , करते बौद्ध विहार ,

ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।


राष्ट्रकवि रामधारी सिंह, दिनकर की है गरिमा ,

रामवृक्ष बेनीपुरी, नागार्जुन की महिमा ।

कालिदास, गोनू झा ,राधिकारमण की राय ,

केशरी, फणेश्वर रेनू , शिवपूजन सहाय ।।

सहजानंद सरस्वती , गोपाल सिंह नेपाली ,

जानकीबल्लभ शास्त्री, थे शब्दों से बलशाली ।

देवकीनंदन की रचना पर, करते हैं विचार ,

ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।


कहते राजाराम नेपाल भी ,जाने को है रेल ,

रहन सहन और भाईचारा,का है बढियाँ मेल ।

सूत्रधार बिदेशिया नाच का,है भिखारी ठाकुर ,

लीची में मुजफ्फरपुर, लाजबाब रणबांकुर ।।

गोपालगंज में थाम्बे माता,का सुन्दर दरबार ,

बंद कराया झगड़ा झंझट ,दारु का व्यापार ।

दहेज़ विरोधी कानून भी,लाई बिहार सरकार ,

ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।


जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,

बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।

खेतों में हरियाली जैसे, ब्रह्मदेव का प्यार ,

ये है मेरा बिहार, ये है मेरा बिहार ।।

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