बिहार दर्शन भाग 11
- rajaramdsingh
- May 18, 2022
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जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
रावण लेकर चल पड़ा था,शिवलिंग अपने लंका ,
टूट गया घमंड उसका, जब लगा लघुशंका ।
देकर बैजू चरबाहा को, करने लगा वह त्याग ,
देर लगी जब रावण को तो ,पटक गया वह भाग ।।
आया रावण खूब लगाया, था वह अपना ताकत ,
वचन दिए थे जहां रखोगे, करना होगा स्वागत ।
बनकर बाबा वैद्यनाथ , करते जग का उद्धार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
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