बिहार दर्शन भाग 3
- rajaramdsingh
- May 18, 2022
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जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
सिख के अंतिम गुरूगोविंद, सिंह यहीं हुए थे ,
जैन के भगवान महावीर , जन्म यहीं लिए थे ।
देता है आवाज वीणा , सही कसो जब तार ,
बोध गया में गौतम बुद्ध को, मिला ज्ञान का सार ।।
बन प्रवर्तक बौद्ध धर्म किये , दुनिया में प्रचार ,
जग जाहिर है अनुयायी ,जो करते जग को प्यार ।
दर्शन करने बौद्ध स्तूप का , आते हैं संसार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
दही चुरा तरुआ तीमन, नामी मालदह आम ,
बरी कचरी झिल्ली मुढ़ी, पग पग पान दूकान ।
लालगंज का नामी खजुरी,बिहारशरीफ अनरसा ,
आम की खेती खूब करता, है जिला सहरसा ।।
गया तिलकुट, लाई बाढ़ ,चुरा मिर्चाधान का ,
भागलपुर कतरनी चुरा ,खाजा सिलाब शान का ।
लिट्टी चोखा खूब कर रहा, दुनिया में व्यापार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
मैथिली वज्जिका भोजपुरी, है बोलचाल की भाषा ,
हो जाता बर्बाद फसल, फिर भी खेती अभिलाषा ।
सामा चकेबा जौड़ जटी , सतुआनी त्यौहार ,
जुड़शीतल चौठीचांद कोजगडा का भार ।।
छठ पूजा की कठिन तपस्या ,देख दंग है दुनिया ,
सरस्वती माता को प्रसाद में, चढ़ता है बेर बुनियाँ ।
होली को मत लेना हल्का ,पुआ का दिखता प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
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