बिहार दर्शन भाग 4
- rajaramdsingh
- May 18, 2022
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जहां बरसता हर घर में , माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी , माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
चन्द्रगुप्त दुनिया पर शासन,पाटलिपुत्र से करता था ,
शाहजहां का सिंहासन भी, सासाराम में रहता था ।
हरिश्चंद्र तारा सुपुत्र , जिसका नाम था रोहितास ,
उसी नाम से बना जिला,नाम दिया उसका रोहतास ।।
सासाराम में बना हुआ है , शेरशाह का मकबरा,
अजातशत्रु लेकर राजधानी,पटना की ओर चल पड़ा ।
जरासंघ का जीर्ण अखाड़ा, और उसका दरबार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
महान अशोक सम्राटजी का,था बड़ा साम्राज्य ,
पाटलिपुत्र थी राजधानी, अखंड भारत राज्य ।
म्यां बलू अफगानिस्तान, पर था इनका शासन ,
ईरान भूटान पाक बँगला,का भी था सिंहासन ।
अशोक स्तम्भ अब भी दिखता,थाई चीन श्रीलंका ,
बौद्ध धर्म का कर प्रचार , ये बजा दिए थे डंका ।
विश्वविद्यालय विक्रमशिला, नालंदा बिस्तार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
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