बिहार दर्शन भाग 5
- rajaramdsingh
- May 18, 2022
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जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
पांडव नगर पांडव स्थान,जहां बना है चौका ,
लाक्षागृह में पांच जले थे, है मौजूद पचपैका ।
राज समझा जब लोगों ने,दिखलाया था प्यार ,
सुरंग खोदकर बचा लिया,पांडव का परिवार ।।
धौम्य ऋषि थे बड़े हीं ज्ञानी , धर्मवीर गंभीर ,
जिन्हें बनाया था पुरोहित ,धर्मराज युधिष्ठिर ।
पांचाली के स्वंवर में था , जो बड़ा किरदार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
उदयनाचार्य की प्रतिभा ,जगन्नाथ जी जान गए ,
देकर के वरदान इनको , पूरी में सम्मान किये ।
करता खूब सरैसा खेती , हैं किसान अभिमान
लोकगायिका शारदासिन्हा,की है अद्भुद तान ।।
कृषि अनुसंधानकेंद्र पूसा,होता आधुनिक काम ,
चार जिला गंगाजी मिलाती ,प्रसिद्द चौमथ धाम ।
जहां किये स्नान विद्यापति,खुला मोक्ष का द्वार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
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