बिहार दर्शन भाग 6
- rajaramdsingh
- May 18, 2022
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जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
गणतंत्र हुआ था सबसे पहले, दुनिया में वैशाली ,
गांधी सेतु के बनने से, क्षेत्र में है खुशहाली ।
गज ग्रह का कोनहारा में , खूब हुई थी लड़ाई ,
भीषण युद्ध को देख विष्णु,सुदर्शन चक्र उठाई ।।
शिवविष्णु का रूप हरिहर,का मंदिर दिखता है,
सबसे बड़ा पशु का मेला , भी यहीं लगता है ,
हाजीपुर का नामी केला , और बीज ब्यापार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
मिथिला पेंटिंग आन मेरी , छठ पूजा है शान ,
धोती कुर्ता सिर पर पगड़ी , है अपनी पहचान ।
पिंडदान गया में करके,करते पितरों का उद्धार ,
ऋषि पतंजलि यहीं हुए थे , आयुर्वेदाचार्य ।।
याद करो सर्जिकल स्ट्राइक,और गलवन गरिमा ,
गाये जाएंगे दुनिया में,बिहार रेजिमेंट की महिमा ।
चौथेपन में वीर कुंवर ने,उठा लिया नंगी तलवार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
हर्षित हुए थे शंकराचार्य,मंडन मिश्र के ज्ञान से ,
जाने जाते हैं आर्यभट्ट,ज्योतिषाचार्य के नाम से ।
जगजीवन, राजेन्द्रबाबू , जय प्रकाश नारायण ,
गणित शास्त्र में गणितज्ञ ,थे वशिष्ठ नारायण ।।
सुन्दर नारी बनी अहिल्या, जो थी कभी पहाड़ ,
बिस्मिल्ला की शहनाई से, दुनिया करती प्यार ।
जो करते राष्ट्रपति भवन में, गीतों की झंकार ,
ये है बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
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