बिहार दर्शन भाग 7
- rajaramdsingh
- May 18, 2022
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जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
अंगराज का अंगदेश था ,मनभावन प्रदेश ,
दानवीर थे बड़े ही दानी ,जाने देश विदेश ।
अंतकाल श्रीकृष्ण गए ,लेने उनकी परीक्षा ,
दानवीर तब दान दिया,दांत उखाड़ भिक्षा ।।
है पर्वत मंदार बना जो,समुद्र मंथन मथनी ,
निकला चौदह रत्न जहां,है ग्रंथों की कथनी ।
लक्ष्मीनारायण सीताकुंड,तीर्थंकर का तार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
भागलपुर में शिल्क उद्योग , सुल्तानगंज का मेला ,
बना हुआ है मीर कासिम , का भी सुन्दर किला ।
गौतममुनि और अष्टावक्र को, जान रहा संसार ,
भोज भात में काट छांट पर, होता खूब विचार ।।
खूब खिलाता रसगुल्ला, और बरसाता है प्यार ,
जमुई के पत्नेश्वर बाबा , झुमराज का प्यार ।
महाबोधि गया का दर्शन , करते बौद्ध विहार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
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