बिहार दर्शन भाग 8
- rajaramdsingh
- May 18, 2022
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जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
अरेराज शिवशंकर मंदिर , करती इच्छापूर्ति ,
मूंगा पत्थर से बना है , गणेश पवन सूत मूर्ति ।
जानकीगढ़ है जहां जानकी, राजमहल से आई ,
बाल्मीकि नगर का जंगल, मां जिसको अपनाई ।।
बड़ा बौद्ध स्तूप बना है , केशरिया लौरिया में ,
विजयमेला महानअशोक का, लगता है बेतिया में ।।
रमपुरबा में गौतमबुद्ध ने,दिया राजसी वस्त्र उतार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
बाल्मीकि का आश्रम है,बाल्मीकि नगर के पास ,
लवकुश ने था लिया जहां ,अपना पहला सांस ।
गांधीजी अपना आंदोलन, शुरू यहीं से किये थे ,
निल की खेती के खिलाफ, जंग जीत लिए थे ।।
परीक्षक से परीक्षार्थी बढियाँ, छात्र यहीं मिले थे ,
स्वतंत्र देश के प्रथम राष्ट्रपति, भारत के बने थे ।
अपने देश का बच्चा बच्चा,करता जिनको प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
जहां बरसता हर घर में,माँ सरस्वती का प्यार ,
बूढी गंडक कमला कोसी,माँ गंगा की धार ।
खेतों में हरियाली जैसे , ब्रह्मदेव का प्यार ,
ये है मेरा बिहार , ये है मेरा बिहार ।।
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