भारत के विज़न के आगे
- rajaramdsingh
- Dec 26, 2022
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Updated: Dec 30, 2022
विश्व पटल पर चाहे जितना, दुश्मन जोर लगायेगा I
भारत के विज़न के आगे ,नहीं कभी टिक पायेगा II
गलवन में ठोका था पहले, अरुणाचल में ठोका है ,
घूसपैठ करने वालों को ,पीट पीट कर रोका है I
फिर भी गलती अगर किया तो ,नक़्शे से मिट जाएगा ,
भारत के विज़न के आगे , नहीं कभी टिक पायेगा II
ढाई साल वाले सेना को ,लेकर के तुम आते हो ,
सांप बिच्छु कीड़े मकोड़े , खाकर काम चलाते हो I
डरते हैं जो मरने से वह , हमसे क्या टकराएगा ,
भारत के विज़न के आगे, नहीं कभी टिक पायेगा II
नहीं घबरता कभी भी सूरज,अपनी हीं परछाई से,
निकल नहीं सकता है पाक , कर्जे रूपी खाई से I
आतंकी को तुमने पाला, तुमको वही मिटाएगा ,
भारत के विज़न के आगे, नहीं कभी टिक पायेगा II
बिन आहुति यज्ञ अधूरा, सर्वनाश ने तुमको घेरा ,
जान रहा है बच्चा बच्चा, विनाश आकर डाला डेरा I
कहता राजा शरण में आजा,नहीं तो तू मिट जाएगा ,
भारत के विज़न के आगे ,नहीं कभी टिक पायेगा II
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