माँ तू है महान
- rajaramdsingh
- Mar 27, 2022
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Updated: Feb 15, 2023
मंदिर मस्जिद चर्च गुरुद्वारे , नित दर्शन को जाती।
किलकारी आँगन में गूजे , सपने सदा सजाती।।
दुनिया में हमें लाने खातिर , दुःख में खुश हो जाती ।
सह ज़ख़ीरा कष्टों का , दुनिया हमें दिखाती ।।
पकड़ उंगली चलना फिरना , जीवन पाठ पढ़ाती।
खुद खा लेती आधी रोटी , हर सुविधा हमें सजाती।।
बेचकर सारे गहने जेवर , संतान को वह है पढ़ाती।
बिन परवाह अपने भविष्य की,उस पर जान लुटाती।।
लेकिन जब पढ़ लिखकर बेटा , नए शहर में जाता ।
पत्नी को तो ले हीं जाता,परिवार सिर्फ उसे बताता।।
जब पड़ती है बीमार माँ , दिन रात खांसती रहती।
आस लगाए अपनों की वह , दवा बिन खूब कराहती।।
बेटा को है समय नहीं , कैसे मिलने माँ से जाय।
है अनेकों भाई वह तो , क्यों अकेले पैसे भेजवाये।।
देती फिर भी आशीष माँ , युग युग जियो मेरे लाल।
रखना ख्याल अपना , घेर चुका अब हमको काल।।
होती ममता की मूरत , ज्ञान और विज्ञान ।
जहां में लाने वाली , माँ तू है महान ||
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