माखन बाबू (मैथिली )
- rajaramdsingh
- Apr 14, 2022
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Updated: Feb 25, 2023
माखन बाबू बड़ महान , मैथिल कय अभिमान ,
सभ मिथिला वासी कय , छैथ जेना स्वाभिमान ।
थिक कौटिल्यक कटार ,प्रबुद्ध हिनक विचार ,
प्रखर प्रतिभा स करथि ,पलपल शत्रु संहार ।
कहियो जे ई करता काज , अवश्य हकार पठवता ।
की चलै छैन्ह मन में , डकारों तक नईं करता ।।
कहता सभ कय अभिन्न अंग , ढूढ़ता सकल समाज ,
उपरक मन स खानापूर्ति कय , बंद करता आवाज़।
नई करै छी भेद भाव , कही कही बनथि सियान ,
क्रियाकलाप हकीकत में , बढी-चढ़ि करै बयान ।
माखन बाबू एक अंग सं ,सम्पूर्ण शरीर कोना बनतै ,
जौं अगर बनबो टा करतै ,सदैव वो अपंगे रहतै ।।
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