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माननीय डा मनमोहन सिंह जी, पूर्व प्रधानमंत्री (भारत)

  • rajaramdsingh
  • Mar 21, 2022
  • 6 min read

प्रतिष्ठा में , माननीय डा मनमोहन सिंह जी, पूर्व प्रधानमंत्री (भारत) विषय : आपके द्वारा जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति के संबंध में ........ आदरणीय महोदय , आपने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जो देश के वर्तमान हालात पर चिंता जताई है उस विषय में देश के एक आम नागरिक होने के नाते आपसे हम भी कुछ जानने की इच्छा रखते हैं और इसी सिलसिले में यह पत्र लिखने की अप्रत्याशित कोशिश कर रहा हूं । आशा है इसका जबाव देकर आप भारत की जनता को अवश्य संतुष्ट करेंगे । सर,आपके दस वर्षों के प्रधामनंत्री कार्यकाल में कितने ब्लास्ट हुए हैं और देश के कितने बेकसूर लोगों ने असमय अपने प्राण गवाए हैं , शायद ये आप भूल गए होंगे लेकिन आम जनता इसे नही भूल सकती ! अपनी स्मरण शक्ति के अनुसार हमारे पास कुछ सूचियां है जिसे क्रमबद्ध तरीके से आपके समक्ष पेश कर रहा हूं , कृपया इसे अवश्य देखिए ...... 1) 5 जुलाई 2005 को अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि ब्लास्ट, 2) 29 अक्टूबर 2005 दिल्ली में तीन सीरियल ब्लास्ट (62 मृत) 3) 7 मार्च 2006 बनारस के संकटमोचन मंदिर ब्लास्ट (28 मृत) 4) 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेन सीरियल ब्लास्ट (209 मृत) 5) 25 अगस्त 2007 हैदराबाद ब्लास्ट (42 मृत) 6) 13 मई 2008 जयपुर के सीरियल ब्लास्ट (63 मृत) 7) 25 जुलाई 2008 बंगलोर, 9 सीरियल ब्लास्ट 26 जुलाई 2008 अहमदाबाद में 21 सीरियल ब्लास्ट (56 मृत) 9) 13 सितंबर 2008 दिल्ली, 5 सीरियल ब्लास्ट (30 मृत) 10) 30 अक्टूबर 2008 गुवाहाटी में 18 सीरियल ब्लास्ट (77 मृत) 11) 26 नवम्बर 2008 का दिल दहला देने वाला दुर्दांत मुम्बई हमला,जिसमे दस आतंकियों ने दस कंधर की भांति 4 दिनों तक मुम्बई को बंधक बनाये रखा और 164 निरपराध को मौत के घाट उतार दिया । 12) 13 फरवरी 2010 पुणे की जर्मन बेकरी ब्लास्ट (17 मृत) 13) 13 जुलाई 2011 मुम्बई का ज्वेलरी बाजार ब्लास्ट (26 मृत) 14) 7 सितंबर 2011 दिल्ली का हाइकोर्ट ब्लास्ट (17 मृत) 15) 21 फरवरी 2013 का हैदराबाद ब्लास्ट (16 मृत) इसके अलावा भी और कई ब्लास्ट देश के कई राज्यो में होते रहे हैं जो सर्वविदित है । सारे ब्लास्ट सीमा पार से आये उस क्रूर एवं आतंकवाद की फैक्ट्री चला रहे मुल्क पाकिस्तान के आतंकियों द्वारा मुम्बई की लोकल ट्रेन या 26/11 जैसे दुर्दांत हमला को अंज़ाम देता रहा है । सीमा पर गश्त करते देश के दो वीर जवान शहीद सुधाकर सिंह एवं शहीद हेमराज के सर काटे जाने की घटना का अंज़ाम भी इसी पाकिस्तानी आतंकवादियों के द्वारा किया गया और हम भारतवासी आपकी तरफ आशा भरी निगाहों से देखते रहे कि शायद आप कुछ कार्यवाही करेंगे और देश मे इन सीरियल ब्लास्ट का सिलसिला थमेगा, निर्दोषों की जान जानी रुकेगी । हम हर बार आपके साथ होते थे । सर आप कांग्रेस या यूपीए के हीं नेता नही अपितु हम सभी भारतवासियों के प्रधानमंत्री थे,लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका और आप इस तरह के क्रूर हमले को रोकने में सदैव हीं असमर्थ रहे थे !! हर एक हमले के बाद अपने देश के निर्दोष नागरिकों को असमय मरते देख हमे भी बहुत गुस्सा आता था । हम सोचते थे कि अब सरकार कोई कड़ा एक्शन लेगी, लेकिन आप दो चार शब्द बोलकर कर्तव्यों से ठीक उसी तरह इतिश्री कर लेते थे जैसे उसमें आपकी भी मिलीभगत हो और उसके बाद फिर ब्लास्ट औऱ फिर से देश के बेगुनाहों की असमय मौते लगातार होती हीं रहती थी परन्तु उन आतंकवादियों के सामने आप सदैव असहाय नजर आते थे । । शायद आपकी सरकार में आम आदमी की जान की कोई कीमत नही थी और यही वज़ह था कि आपने कभी कड़े कदम नही उठाये!! 2014 में हमे मोदी जी के रूप में एक नया नेतृत्व मिला जिसने हमें हमारी ताकत का अहसास कराया । उस नरेंद्र दामोदर दास मोदी की सरकार ने आते ही इन आतंकवादियों और उनके स्लीपर सेल्स की कमर तोड़ कर रख दी जो आपको भी पता है कि, 2014 से अब तक देश के अंदर किसी सार्वजनिक स्थान पर देश के किसी आम नागरिक को निशाना बनाने की हिम्मत कोई भी आतंकवादी संगठन नही कर पाया । सारी एजेंसियां तो वही है और सारे लोग भी वही तो इतना बदलाव कैसे हुआ ? बदलाव हुआ नरेन्द्र भाई मोदी की नीति और साफ नीयत के कारण । उन्होंने इस देश के एक एक आम आदमी की जान को अपनी जान से ज्यादा जरूरी समझा और इसके लिए उन्होंने ठोस कदम उठाए । जिस सीमा पार के आतंकियों से डरकर आप डोजियर भेज काम चलाते थे नरेन्द्र भाई मोदी ने वहां सीधे सेना भेजना शुरू किया । उरी के हमले या पुलवामा हमले के बाद हमारी सर्जिकल और एयर स्ट्राइक से पूरी दुनिया ने हमारी ताकत को देखा, समझा और हमारा लोहा माना है । पूरी दुनिया ने नया भारत देखा जो अपने दुश्मनों को सीधे उसके घर में घुस कर मारता है । कश्मीर में इस वर्ष की शुरुवात से अभी तक हमारी सेना 100 से ज्यादा आतंकियों और उनके आकाओं को जहन्नुम का रास्ता दिखा चुका है । अब आते है वर्तमान चीन के मुद्दे पर ! सर ये सब आपकी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों की मेहरबानी है जो 1962 के बाद से सीमाओं को आपने यूँ ही छोड़ रखा था । नरेन्द्र भाई ने उन सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु कई रणनीतिक पुल और हाईवे बनाये जिससे चीन भयभीत हो गया । उसे लगा अब हमारी दाल नहीं गलेगी । भारत का नेतृत्व मजबूत हो चुका है तथा यही कारण है कि चीन कि हालात खिसियानी बिल्ली जैसा हो गया । सर मैं आपकी बहुत इज्जत करता हूं आपकी क्योंकि आपके अंदर की जो विद्वता है, आपको जो आर्थिक नीति का अनुभव है उसे में नमन करता हूं परन्तु आपकी पार्टी और आपके पूर्ववर्ती नेता चीन के जिस डर से बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करना जरूरी नही समझते थे, उन सीमावर्ती राज्यो के लोगो को उन्होंने ऐसे ही बिना किसी सुविधाओ के छोड़ रखा था,आपके वो कर्म आपके पार्टी की कर्तव्यहीनता की सबसे बड़ी कहानी कहते है । 38 हजार स्केवयर किमी जमीन जो कि स्विट्जरलैंड के क्षेत्रफल से भी ज्यादा है चीन को देकर और बिना कोई युद्ध किये आधा कश्मीर पाकिस्तान को परोस कर आपके जिन पूर्ववर्ती नेताओ ने खुद को भारत रत्न से नवाजा उसी पार्टी और नेताओं का झूठी गुणगान करना तथा सीमा विवाद पर आप जैसे विद्वान के मुंह से ऐसी बातें शोभा नहीं देता । निष्पक्ष भाव एवं देशहित का ध्यान रखकर बातें करने से प्रतिष्ठा बढ़ती है सर । पूरी दुनिया को पता लग चुका है कि चीन अब बैकफुट पर है । हमारे जवानों ने अदम्य शौर्य का प्रदर्शन करते हुए उनकी लगभग एक बटालियन को पूरी की पूरी निपटा डाली है हमारी सेनाओं ने । इसलिए अपने सेना का मनोबल बढ़ाइये सर । हमारे जवानों के अदम्य साहस से आज चीन हम से सीमा विवाद पर बार बार मीटिंग करने की गुजारिश कर रहा है । आगे आपने लिखा है कि हम इतिहास के एक नाजुक मोड़ पर खड़े है । आप इतिहास छोड़कर वर्तमान में आइये सर और देखिए हम नया इतिहास बनाने के मोड़ पर खड़े हैं । ये 1962 वाला भारत नही बल्कि 2020 का भारत है, जो बलिदान देना भी जानता है, और बलिदानियों का बदला लेना भी । यकीन रखियेगा किसी भी शहीद का बलिदान व्यर्थ नही जाएगा । यह सरकार देश के प्रति किसी भी आतंकवादी गतिविधियों को न तो भूलती है और हीं माफ करती है लेकिन कुछ लोगों के लिए चिंता का विषय यह है कि इस नरेन्द्र मोदी की सरकार ने जहां एक तरफ कोरोना को भयवाह रूप लेने से भी रोक दिया है वहीं दूसरी तरफ अब चीन को भी घुटनो पर लाकर खड़ा कर दिया है!! हम आपका आभार व्यक्त करते हैं क्योंकि अपने जारी बयान में एक तरफ आम भारतीयों को संबोधित करते हुए लिखा है कि यही समय है जब पूरे राष्ट्र को एकजुट होना चाहिए तथा संगठित होकर इस दुस्साहस का जवाब देना चाहिए, वहीं आपकी पार्टी और आपके युवराज का चीनी प्रवक्ताओं की तरह बयान देकर सेना का मनोबल गिराने का अप्रत्याशित प्रयास करना क्या उचित है ? और अगर नहीं तो उस पर अंकुश लगाना क्या आपके पार्टी का उत्तरदायित्व नहीं है ? इसे यही रोक कर देश के साथ खड़े हो जाइये सर नही तो आने वाली पीढियां और इतिहास कभी भी आपको और आपकी पार्टी द्वारा की गई कर्तव्य हीनता को माफ नही करेगा । जय हिन्द , जय जवान आपका हीं राजाराम सिंह

 
 
 

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