लक्ष्मण रेखा
- rajaramdsingh
- Mar 22, 2022
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Updated: Mar 28, 2022
करूं प्रार्थना जन जन से मैं , बन्द करो अपनी कीवाड़ । घर के बाहर काल कोरोना , आओ करें उसका संहार ।।
पार करो ना लक्ष्मण रेखा , दुश्मन है यह बड़ा अनोखा । है यह सूक्ष्म जीवाणु फिर भी , दुनिया का यह चक्का रोका ।।
शर्मसार वह देश उतना ही , जिसके पास जितने हथियार । घर के बाहर काल कोरोना , आओ करें उसका संहार ।।
एकांतवास से है यह डरता , भीड़ भाड़ में जाकर लड़ता । ना बम ना बारूद रखता , नाहीं शस्त्रों से लैस रहता ।।
फिर भी इसके करामात ने , खत्म किया बिजनस व्यापार । घर के बाहर काल कोरोना , आओ करें उसका संहार ।।
इसने पूरा विश्व हिलाया , विकसित देशों को भी रुलाया । सिर्फ उपाय उपचार नहीं , वैज्ञानिक को लाचार बनाया ।।
जो भी देश बचेगा इससे , सुपर पावर का दावेदार । घर के बाहर काल कोरोना , आओ करें उसका संहार ।।
संयम बरतना घर में रहना , छः फूट की दूरी रखना । रूखी सूखी हो जो घर में , कुछ खाना कुछ सेवा करना ।।
राजाराम कहे धर्मगुरूओं से , भारत का मत भाग्य बिगाड़ । घर के बाहर काल कोरोना , आओ करें उसका संहार ।।
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