वीणा बजाकर,जीना सिखा दे
- rajaramdsingh
- Oct 22, 2025
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Updated: 6 days ago
हे वीणापाणि ,मां शारदा भवानी ,,,
सात सुरों का रंग ,, जीवन में भर दे ।,,,2
जला दिव्य ज्योति ,ताल सुर का मोती,,,
मान सम्मान दे, अरमान की पोथी ,,, हो मान,,,2
अंधेरों का डेरा , सूने मन को घेरा ,,2
जला रौशनी जीवन को,रौशन कर दे ,,,,
हे वीणापाणि ,,मां शारदा भवानी ,,,
सात सुरों का रंग ,,, जीवन में भर दे ,,,
सोच समझ की , काली है छाया ,
चले नहीं लेखनी , सुनी है काया ,,,2
ज्ञान की कमी है ,,,बिपदा बड़ी है ,,2
मिटा अवसाद मेरी , जीवन तर दे ,,
हे वीणापाणि ,,मां शारदा भवानी ,,,
सात सुरों का रंग ,,जीवन में भर दे ,,, हे ,,,
अंधेरा मिटा दे, उजाला फैला दे ,
सिर पे तू मैया मेरी, हाथ घुमा दे । 2
करूं तेरी भक्ति,, दे वाणी में शक्ति ,,
वीणा बजा कर , जीना सिखा दे ,,
हे वीणापाणि ,,मां शारदा भवानी ,,,
सात सुरों का रंग ,,,जीवन में भर दे,,,,,
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रचना: राजाराम सिंह , 16/10/2025
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