वीणा बजाकर,जीना सिखा दे
- rajaramdsingh
- Oct 22, 2025
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Updated: Jan 22
हे वीणापाणि , शारदा भवानी ,,,
सात सुरों का रंग ,, जीवन में भर दे ।,,,2
शास्त्ररूपिणी रमा,वीणापाणी भारती ,,2
ज्योति जला दिव्य, दे ज्ञान की मोती
अंधेरों का डेरा , सूने मन को घेरा,,,,2
जला रौशनी जीवन को,रौशन कर दे ,,,,
हे वीणा पाणि , शारदा भवानी ,,,
सात सुरों का रंग, जीवन में भर दे ,,,
सोच समझ की , काली है छाया ,
चले नहीं लेखनी, सुनी मेरी काया ,,,2
ज्ञान की कमी है,मां बिपदा बड़ी है ,,2
मिटा अवसाद मेरी,जीवन को तर दे ,,
हे वीणापाणि ,,मां शारदा भवानी ,,,
सात सुरों का रंग ,जीवन में भर दे ,,, हे ,,,
जीवन है बखेरा, भरा है अंधेरा
जला दिव्य ज्योति, कर दे सवेरा । 2
करूं तेरी भक्ति,, दे वाणी में शक्ति ,,
वीणा बजा कर , जीना सिखा दे ,,
हे वीणापाणि ,,मां शारदा भवानी ,,,
सात सुरों का रंग ,,,जीवन में भर दे,,,,,
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रचना: राजाराम सिंह , 16/10/2025
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