सौ दिन सम्राट के
- rajaramdsingh
- Jul 18
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*सौ दिन सम्राट के*
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*बिहार का विकास , सम्राट जी के साथ।*
जब नेतृत्व "फैसला लेने वाला" हो तो 100 दिन भी इतिहास बना देते हैं। *श्री सम्राट चौधरी जी* के नेतृत्व में NDA सरकार के पहले सौ दिन इसी का प्रमाण हैं। इन सौ दिनों में सम्राट सरकार ने गरीब कल्याण, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और राजस्व - हर मोर्चे पर काम किया है जो निम्नवत है :
*1. सामाजिक सुरक्षा: गरीब की पहली प्राथमिकता*
97.84 लाख लाभार्थियों के खातों में DBT से ₹1,423 करोड़ से अधिक रकम सीधे भेजे गए तथा पेंशन ₹1100 प्रति माह की गई।
साथ ही 1 करोड़ परिवारों को नए राशन कार्ड और मुफ्त राशन से जोड़ने का अभियान शुरू किया गया है जो अपने आप में अद्वितीय है ।
सम्राट सरकार का संदेश साफ है - " *कोई भूखा न सोए, न कोई बेसहारा रहे* "।
*2. शिक्षा क्रांति: हर ब्लॉक में कॉलेज*
सम्राट सरकार के सौ दिन का यह सबसे बड़ा ऐतिहासिक फैसला है कि राज्य के जिन प्रखंडों में अब तक डिग्री कॉलेज नहीं थे, वहां *एक साथ 213 नए डिग्री कॉलेज* खोलने का ऐलान 15 जुलाई को भागलपुर से किया जायेगा ।
उद्देश्य - *गांव की बेटियों को उच्च शिक्षा* के लिए शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। देश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर ये काम हुआ है जो सम्राट सरकार की अदभुद देन है ।
*3. कानून का राज और गुंडागर्दी पर नकेल*
सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है कानून का राज।
पंचायतों में "जनसहयोग शिविर" लगाकर 30 दिन में शिकायत निपटारे को अनिवार्य करना तथा देरी होने पर अधिकारी पर कार्रवाई का ऐलान कर सम्राट सरकार ने कानून का राज और गुंडा गर्दी पर नकेल कसने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है ।
Dial 112 का रिस्पांस 10 मिनट से कम, पेपर लीक रोकने को SIT, और पुलिस लाइनों में आवासीय स्कूल व "जीविका रसोई" की शुरुआत करना सम्राट सरकार का दिल छू लेने वाला फैसला है ।
सबसे अहम - *गुंडागर्दी और अपराध पर कड़ी नकेल*। अपराधियों को साफ संदेश: "बिहार में अब कानून से ऊपर कोई नहीं"।
*4. राजस्व और अर्थव्यवस्था: पारदर्शिता की नई पहल*
राज्य के राजस्व को बढ़ाने के लिए सरकार ने एक बड़ा और व्यावहारिक निर्णय लिया।
पिछले वर्षों में शराबबंदी के बावजूद शराब की बिक्री अवैध रूप से जारी थी। इससे न राजस्व मिल रहा था, न नियंत्रण।
*सम्राट सरकार ने इसे विधिवत शुरू करने का निर्णय लिया* ताकि शराब की बिक्री का पूरा रेवेन्यू सीधे सरकार के खाते में जाए।
इससे दो फायदे होंगे - एक तो अवैध कारोबार पर रोक, दूसरा शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के लिए अतिरिक्त फंड।
*5. शहरी विकास और रोजगार*
मुजफ्फरपुर में ₹1,047 करोड़ के शहरी विकास, ड्रेनेज और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट शुरू।
युवाओं के लिए 1 करोड़ रोजगार और सरकारी नौकरियों का रोडमैप तैयार।
"बिहार का युवा, बिहार में रोजगार" - यही लक्ष्य है।
*सौ दिन का निष्कर्ष*
इन 100 दिनों ने 3 बातें साबित कीं:
1. *कठोर निर्णय*: चाहे कानून हो या राजस्व, जो बिहार के हित में है वह किया जायेगा ।
2. *जनकल्याण*: पेंशन, राशन, शिक्षा - सीधे जनता तक
3. *पारदर्शिता*: DBT, समय-सीमा, सीधी निगरानी ।
*सम्राट सरकार* ने दिखाया है कि विकास के लिए बड़े और जरूरी फैसले लेने पड़ते हैं। चाहे वो शिक्षा क्रांति हो, गुंडों पर लगाम हो या राजस्व बढ़ाने के लिए उठाये गए साहसिक कदम।
ये सौ दिन बिहार के " *विकास के सौ दिन* " हैं।
और आगे आने वाले दिन *"विकसित बिहार"* के होंगे।
*बिहार का विकास, सम्राट जी के साथ।* 🇮🇳
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राजाराम सिंह ,,,8850001327
उजियारपुर,समस्तीपुर,बिहार
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