सहोदर
- rajaramdsingh
- Mar 22, 2022
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Updated: Sep 21, 2023
पहचानो अपने आप को , प्रखर प्रबुद्ध प्यारे रघुवीर । सहोदर भाई हो तुम दोनों , सूर्यवंश के लव कुश वीर ।।
एक ही माता पिता एक हैं , हैं गुरु खानदान भी एक । प्रखर प्रतिभा के धनी दोनों , कीर्तिमान रचें अनेक ।।
तीक्ष्ण,ज्ञान,रणबांकुरे दोनों , संस्कारी और सूरमावीर । सहोदर भाई हो तुम दोनों , सूर्यवंश के लव कुश वीर ।।
समय चक्र ने चाल चला जब , डाल दिया दोनों में फूट । आपस में दो महाशक्ति को , नहीं होने दिया एकजुट ।।
बदला जहां समय बदला , अब ना अधीर कराओ धीर । सहोदर भाई हो तुम दोनों , सूर्यवंश के लव कुश वीर ।।
हे प्रखर प्रतिभा के धनी , सिंहासन पर तेराअधिकार । आपस में टकराकर तुमको , लगा रहा है कौन फटकार ।।
करो प्रेम तुम अपनों से , छोड़ो लड़कपन बनो गंभीर ।
सहोदर भाई हो तुम दोनों , सूर्यवंश के लव कुश वीर ।।
फूट इतनी दूरदर्शिता से डाला , कि सिंहासन से परे हो गए । अगड़े पिछडे में युद्ध ठान , राजनीति के भेंट चढ़ गए ।। कहे राजाराम दूर दृष्टि से , एकजुट हो बनो महावीर । सहोदर भाई हो तुम दोनों , सूर्यवंश के लव कुश वीर ।।
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