हाय बाय छोड़कर,राम राम बोलिये
- rajaramdsingh
- Nov 19, 2022
- 1 min read
Updated: Feb 25, 2023
रामजी के नाम को,
तराजू पे न तौलिए।
हाय बाय छोड़कर,
राम राम बोलिये।।
खुद ही अपने आप अपनी
संस्कृति मिटा रहे,
हम क्लबों में केक काट
जन्मदिन मना रहे।
गन्ना रस औ मट्ठा छोड़
कोक पी रहे हैँ हम,
पीजा पास्ता औ मोम
खाके ज़ी रहे हैँ हम।।
धीरे धीरे शतायु से,
अल्प आयु हो लिए।
हाय बाय छोड़ करके,
राम राम बोलिये।।
चाचा चाची छोड़
अंकल आंटी में खो गए,
पूज्य माताज़ी पिताजी
मौम डैड हो गए।
पाश्चात्य सभ्यता
समाज में समा गई,
नौकरी मिली नहीं
और गर्लफ्रेंड आ गई।।
कांधे सब पराये हुए,
हम अकेले रो लिए।
हाय बाय छोड़ करके,
राम राम बोलिये।।
क्रेडिट कार्ड आ गया
तो हम उधार खा रहे,
छोड कर स्वदेशी माल
चायनिज ला रहे।
पडोसी औ भाइयों से,
बातचीत बंद है,
क्योंकि हमको फेसबुक,
और व्हाट्सअप्प पसंद है।।
प्रेम छोड़ करके दिल में,
नफरतें न घोलिये।
हाय बाय छोड़ करके,
राम राम बोलिये।।
शत्रुओं के बीच मित्र
राम ने बना लिए,
प्रेम था तो भिलनी के
झूठे बेर खा लिए।
आदिवासियों में प्रेम
राम ने उगा दिया,
हनुमानज़ी ने सीना
चीड़ के दिखा दिया।।
पाप कर रहे या पुण्य,
खुद को भी टटोलिए।
हाय बाय छोड़ करके,
राम राम बोलिये।।
रामज़ी के नाम को,
तराज
****************
Comments